रवीश कुमार का प्राइम टाइम : सॉरी PM, ऑक्सीजन संकट अकल्पनीय नहीं था
Listen now
Description
यह सही है कि इस साल जैसा ऑक्सीजन की सप्लाई का संकट पहले कभी नहीं हुआ लेकिन यह भी सही है कि इसी सरकार के कार्यकाल में भारत के तीन राज्यों में ऑक्सीजन का संकट हुआ था. हमने उन दुर्घटनाओं से क्या सीखा. ऑक्सीजन की सप्लाई चेन को पहले से कितना बेहतर बनाया यह सब पूछना बेकार है क्योंकि ढंग से एक जगह से कोई जवाब नहीं मिलता है. पिछली बार जब कोरोना की वैश्विक महामारी आई तब कई देशों में वेंटिलेटर की मांग बढ़ने लगी. वेंटिलेटर का हिसाब इस तरह से लगाया जाने लगा कि कार कंपनियां भी वेंटिलेटर बनाने लगीं. अब कोई भी इस बात को समझ सकता है कि जब वेंटिलेटर लगेगा तो ऑक्सीजन की सप्लाई भी करनी होगी और तब ऑक्सीजन की मांग बढ़ेगी. तब जवाब तो देना चाहिए कि उस समय जो भी हिसाब किया गया होगा उसके आधार पर आक्सीजन की सप्लाई चेन को ठीक करने का क्या बंदोबस्त किया गया?
More Episodes
मंगलवार और बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष आक्रामक दिखा. मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दस बार स्थगित करनी पड़ी और बुधवार को लोकसभा में पेपर फाड़ने की घटना हुई. राज्यसभा में भी विपक्ष इस बात को लेकर आक्रामक है कि सरकार स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराए. अगर सरकार विपक्ष की मांग मान लेती और...
Published 07/28/21
अप्रत्याशित, अकल्पनीय, अभूतपूर्व. इन विशेषणों का प्रयोग प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद किया था. सोमवार को मिज़ोरम और असम के बीच जो हुआ है उसे भी अभूतपूर्व, अप्रत्याशित और अकल्पनीय कहा जाएगा. अकल्पनीय इस संदर्भ में कि ट्वीटर पर मिज़ोरम और असम के मुख्यमंत्री कई घंटों तक झगड़ते रहे...
Published 07/27/21
पेगसास जासूसी कांड की जांच में एक नया मोड़ आ गया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की जांच का ऐलान किया था लेकिन इससे एक कदम आगे जाते हुए बंगाल की सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है. दिल्ली आने से पहले ममता बनर्जी ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया. इस न्यायिक आयोग का प्रमुख सुप्रीम...
Published 07/26/21