रवीश कुमार का प्राइम टाइम : महंगाई डायन खाए जात है
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जिन लोगों ने सपना देखा था कि वे सौ रुपया लीटर पेट्रोल भरा लेंगे लेकिन विरोध नहीं करेंगे,आज उनका सपना पूरा हो चुका है. इन समर्थकों को लोगों ने हल्के में लिया था, आज उन्होंने वाकई साबित कर दिया है कि ऐसे ही टंडेली करते हुए व्हाट्स एप में मैसेज नहीं भेज रहे थे. पेट्रोल का 106 रुपये लीटर के पार चले जाना तीनों प्रकार से अहम है. ऐतिहासिक भी है, अकल्पनीय भी है और अभूतपूर्व भी है. ऐतिहासिक को लेकर उतनी चिन्ता नहीं होगी क्योंकि इतिहास का सिलेबस चुटकी में चेंज हो जाता है अगले साल लिख दिया जाएगा कि जब देश में पेट्रोल पांच रुपये लीटर मिल रहा था, तब विपक्ष सौ का बताकर विरोध कर रहा था और देश की तरक्की में रोड़े अटकाए थे. मई से लेकर अभी तक पेट्रोल डीज़ल के दाम 23 बार बढ़े हैं तब जाकर पेट्रोल सौ रुपया हुआ है. ये वाला डेटा तो ज़रूर अकल्पनीय और अभूतपूर्व होगा.
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केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की कहानी भले पुरानी हो गई है लेकिन किस राज्य से कितने मंत्री बने हैं इसका उस राज्य में प्रचार जारी है. पिछले दिनों हमने दिल्ली में लगी एक होर्डिंग देखी और एक तस्वीर लखनऊ से प्राप्त हुई. दोनों ही होर्डिंग सरकार ने नहीं लगाई है. बीजेपी की तरफ से नहीं लगाई गई है लेकिन...
Published 07/29/21
मंगलवार और बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष आक्रामक दिखा. मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दस बार स्थगित करनी पड़ी और बुधवार को लोकसभा में पेपर फाड़ने की घटना हुई. राज्यसभा में भी विपक्ष इस बात को लेकर आक्रामक है कि सरकार स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराए. अगर सरकार विपक्ष की मांग मान लेती और...
Published 07/28/21
अप्रत्याशित, अकल्पनीय, अभूतपूर्व. इन विशेषणों का प्रयोग प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद किया था. सोमवार को मिज़ोरम और असम के बीच जो हुआ है उसे भी अभूतपूर्व, अप्रत्याशित और अकल्पनीय कहा जाएगा. अकल्पनीय इस संदर्भ में कि ट्वीटर पर मिज़ोरम और असम के मुख्यमंत्री कई घंटों तक झगड़ते रहे...
Published 07/27/21