रवीश कुमार का प्राइम टाइम: जनसंख्या नियंत्रण बिल लाने वालों को क्या महंगाई नहीं दिख रही?
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पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के कारण लोग भोजन और दवा पर कम ख़र्च करने लगे हैं. भारतीय स्टेट बैंक की आर्थिक शाखा के एक अध्ययन के मुताबिक लोगों के कुल ख़र्चे में पेट्रोल पर होने वाला ख़र्च काफी बढ़ गया है और महीने का राशन भी कम ख़रीद रहे हैं. महंगाई के इस मुश्किल दौर को ठीक से दर्ज नहीं किया जा रहा है. आख़िर सरकार इस पर बात क्यों नहीं कर रही है? देश को सुशांत सिंह राजपूत के जैसे फर्ज़ी मुद्दे की तलाश है जिसे लेकर तीन महीने तक बहस होती रहे, जब ऐसा मुद्दा नहीं आ जाता, तब मंत्रिमंडल विस्तार तो कभी आबादी नियंत्रण से काम चलाया जा रहा है.
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पीएम नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय पहली मुलाकात व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से हुई. हमने देखा कि किस तरह से उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय राजदूत साथ में हैं. इसके अलावा एनएसए भी साथ में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात 8:30 बजे तय हुई थी....
Published 09/24/21
भारतीय रिजर्व बैंक और संसद की स्थायी समिति के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार की हालत बहुत खराब है. ये दोनों ही राज्य सबसे नीचे हैं. भूगोल और आबादी के हिसाब से भी भारत के इन दो बड़े राज्यों में अगर लोगों की कमाई इतनी कम है, तो आप समझ सकते हैं कि जीवन स्तर का क्या हाल होगा?
Published 09/23/21
ऐसे बहुत से लोग हैं, जो बैंकों में बचत पर मिलने वाले ब्याज से अपना खर्च चलाते हैं. या एक निश्चित सी कमाई होती है और ज्यादातर मामलों में बहुत सीमित भी. अब अगर ये कमाई भी घटने लगे, माइनस में चली जाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गोदी मीडिया पर भारत को सुपर पावर बताने की होड़ क्यों मची है?
Published 09/22/21