रवीश कुमार का प्राइम टाइम : जनता महंगाई से त्रस्त, सरकार प्रचार में मस्त
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17 दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं. राहत की इतनी बड़ी खबर हेडलाइन नहीं बन सकी है क्योंकि 17 दिन पहले जो दाम दे रहे थे आप वही दे रहे हैं. दिल्ली के लोग 101 रुपया लीटर पेट्रोल भराने को लेकर आदी हो चुके हैं. दूसरी जगहों के लोगों को भी 110 रुपये लीटर खरीदने का अच्छा खासा अभ्यास हो चुका होगा. इतनी कमाई आपकी बढ़ी नहीं है जितनी महंगाई बढ़ गई है. लेकिन आप अथक परिश्रम कर रहे हैं और टैक्स दे रहे हैं. अपने खर्चे और इच्छाओं को मार कर महंगा पेट्रोल डीजल और रसोई गैस खरीद रहे हैं, ताकि सरकार के पास टैक्स जाए. लेकिन प्रधानमंत्री जब जीएसटी की संख्या को अगस्त के अमृत महोत्सव में शामिल करते हैं, तब पेट्रोल डीजल के टैक्स को छोड़ देते हैं.
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जम्मू कश्मीर में क्या हो रहा है, यह जानना होगा तो आप किसी न किसी से पूछेंगे. सेना और पुलिस के बयान से किसी घटना की जानकारी मिलती है लेकिन राजनीतिक तौर पर कश्मीर के भीतर क्या हो रहा है इसकी आवाज़ तो उन्हीं से आएगी जिनकी जवाबदेही है. इतना कुछ हो रहा है फिर भी कश्मीर पर कोई विस्तृत प्रेस कांफ्रेंस...
Published 10/19/21
बहुत जरूरी है कि हम उस उचित स्थान को तय कर दें जिसके न मिलने पर आए दिन राजनीति होती है. तय किया जाना चाहिए कि उचित स्थान का क्या मतलब है और ये कहां पर होता है. इतिहास के जिस मुद्दे को इतिहास की कक्षा में उचित स्थान मिलना चाहिए उसे लेकर टीवी पर चर्चा है और वर्तमान के जिस मुद्दे को मीडिया में उचित...
Published 10/18/21
हरियाणा दिल्‍ली सीमा, सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्‍थल पर एक शख्‍स की निर्ममता से हत्‍या के मामले के आरोपी निहंगों के दल के एक सदस्‍य ने समर्पण कर दिया है. प्रदर्शन स्‍थल पर शुक्रवार सुबह एक शख्‍स का शव पाया गया था जिसकी कलाई और पैर को निर्ममता से काट दिया गया था. अब सवाल यह उठता है कि...
Published 10/15/21