रवीश कुमार का प्राइम टाइम : काम वालों को काम चाहिए, नाम वालों को चाहिए है नाम
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जब हॉकी को प्रायोजक की ज़रूरत थी, पैसे की ज़रूरत थी तब कोई आगे नहीं आया लेकिन हॉकी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ तो सब खिलाड़ियों की मेहनत में अपना हिस्सा जोड़ने पहुंच गए हैं. भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी पदक नहीं जीत सकी लेकिन हारकर भी देश का दिल जीत लिया. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि “देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए. लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है. जय हिंद!” इस बात की तारीफ होने लगी और हॉकी को लेकर नवीन पटनायक की तारीफ से सुस्त पड़ा मीडिया ऊर्जावान हो गया. तभी याद दिलाया गया कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर तो पहले से पुरस्कार है जिसे 2002 में शुरू किया गया था और 10 लाख रुपया दिया जाता है. ध्यानचंद लाइफ टाइम अचीवमेंट इन स्पोर्टस एंड गेम्स. उसका क्या होगा. कहीं उसका नाम किसी नेता के नाम पर तो नहीं रख दिया जाएगा?
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जम्मू कश्मीर में क्या हो रहा है, यह जानना होगा तो आप किसी न किसी से पूछेंगे. सेना और पुलिस के बयान से किसी घटना की जानकारी मिलती है लेकिन राजनीतिक तौर पर कश्मीर के भीतर क्या हो रहा है इसकी आवाज़ तो उन्हीं से आएगी जिनकी जवाबदेही है. इतना कुछ हो रहा है फिर भी कश्मीर पर कोई विस्तृत प्रेस कांफ्रेंस...
Published 10/19/21
बहुत जरूरी है कि हम उस उचित स्थान को तय कर दें जिसके न मिलने पर आए दिन राजनीति होती है. तय किया जाना चाहिए कि उचित स्थान का क्या मतलब है और ये कहां पर होता है. इतिहास के जिस मुद्दे को इतिहास की कक्षा में उचित स्थान मिलना चाहिए उसे लेकर टीवी पर चर्चा है और वर्तमान के जिस मुद्दे को मीडिया में उचित...
Published 10/18/21
हरियाणा दिल्‍ली सीमा, सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्‍थल पर एक शख्‍स की निर्ममता से हत्‍या के मामले के आरोपी निहंगों के दल के एक सदस्‍य ने समर्पण कर दिया है. प्रदर्शन स्‍थल पर शुक्रवार सुबह एक शख्‍स का शव पाया गया था जिसकी कलाई और पैर को निर्ममता से काट दिया गया था. अब सवाल यह उठता है कि...
Published 10/15/21