रवीश कुमार का प्राइम टाइम : UAPA का अफ़साना- फंसाना, डराना और सताना
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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन पिछले साल हाथरस में हुए बलात्कार और हत्या के एक केस को कवर करने जा रहे थे. पिछले साल अक्तूबर में सिद्दीक कप्पन और तीन अन्य को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर UAPA की दो धाराएं लगा दी गईं. राजद्रोह की भी धारा लगाई गई है. इस केस में अतीक उर्र रहमान, मसूद अहमद और आलम को भी गिरफ्तार किया गया है. सिद्दीक कप्पन की मां 18 जून को गुज़र गईं. सिद्दीक ने मथुरा कोर्ट में ज़मानत याचिका लगाई है जिसकी सुनवाई 5 जुलाई को होगी. अपने आवेदन में कप्पन ने कहा है कि मैं पत्रकार हूं. मैंने भारतीय प्रेस परिषद के परिभाषित दायरे से बाहर जाकर कुछ भी ग़लत नहीं किया है. मैं निर्दोष हूं. सिद्दीक कप्पन 8 महीने 22 दिन से जेल में बंद हैं. इन पर शांति भंग का भी आरोप लगा था कि कप्पन, अतीक-उर-रहमान, मसूद अहमद, और आलम, दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे.
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