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बीस हजार करोड़ का 3000 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ा गया उसे लेकर कितना कम कवरेज हुआ, छह ग्राम चरस पकड़ा गया उसे लेकर जो कवरेज हो रहा है, पता चलता है कि बीस हजार करोड़ से ज्यादा शाहरुख खान की कितनी वैल्यू है और उस जनता की कितनी कम वैल्यू हो गई है जो आराम से 117 रुपया पेट्रोल भरा रही है, जो कभी 65 रुपया लीटर होने पर आंदोलन करती थी.
Published 10/22/21
जनता कहां प्रदर्शन करेगी, क्या उस शहर में प्रदर्शन नहीं होगा जहां कोई मैदान या बड़ा पार्क नहीं होगा और होगा तो सरकार नहीं देगी. भारत में प्रदर्शन शुरू नहीं होता कि बंद कराने की बात होने लगती है. अब अमेरिका में भी प्रदर्शन करने के अधिकारों के खिलाफ कानून बनने लगे हैं.
Published 10/21/21
जिस देश में आजादी की लड़ाई का आंदोलन 1857 से 1947 तक अलग-अलग रूप में चला हो, उस देश के सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग धरने के बाद किसानों के धरने को लेकर चल रही बहस में अजीब-अजीब किस्म के सवाल उठ रहे हैं, कि आंदोलन कब तक चलेगा? क्यों चल रहा है?
Published 10/20/21
जम्मू कश्मीर में क्या हो रहा है, यह जानना होगा तो आप किसी न किसी से पूछेंगे. सेना और पुलिस के बयान से किसी घटना की जानकारी मिलती है लेकिन राजनीतिक तौर पर कश्मीर के भीतर क्या हो रहा है इसकी आवाज़ तो उन्हीं से आएगी जिनकी जवाबदेही है. इतना कुछ हो रहा है फिर भी कश्मीर पर कोई विस्तृत प्रेस कांफ्रेंस नहीं है. इसके अलावा बाकी के पारंपरिक रास्ते या तो बंद हो चुके हैं या कमज़ोर कर दिए गए हैं जैसे राजनीतिक दल, नागरिक संगठन, NGO और मीडिया. 5 अगस्त 2019 को धारा 370 की समाप्ति के बाद इन सभी की हालत पर आप...
Published 10/19/21
बहुत जरूरी है कि हम उस उचित स्थान को तय कर दें जिसके न मिलने पर आए दिन राजनीति होती है. तय किया जाना चाहिए कि उचित स्थान का क्या मतलब है और ये कहां पर होता है. इतिहास के जिस मुद्दे को इतिहास की कक्षा में उचित स्थान मिलना चाहिए उसे लेकर टीवी पर चर्चा है और वर्तमान के जिस मुद्दे को मीडिया में उचित स्थान मिलना चाहिए उसके लिए कोई स्थान नहीं है. आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम उनकी चिन्ता रेखाओं में पहली हेडलाइन की तरह मौजूद है लेकिन अखबारों और चैनलों के समाचारों में पेट्रोल और डीजल के दाम...
Published 10/18/21
हरियाणा दिल्‍ली सीमा, सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्‍थल पर एक शख्‍स की निर्ममता से हत्‍या के मामले के आरोपी निहंगों के दल के एक सदस्‍य ने समर्पण कर दिया है. प्रदर्शन स्‍थल पर शुक्रवार सुबह एक शख्‍स का शव पाया गया था जिसकी कलाई और पैर को निर्ममता से काट दिया गया था. अब सवाल यह उठता है कि क्या इसका असर किसान आंदोलन पर पड़ेगा?
Published 10/15/21
विनायक दामोदर सावरकर को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है. सावरकर पर इस बहस को जन्म दिया है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान ने. राजनाथ सिंह के बयान के बाद सावरकर की भूमिका पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं. इतिहासकारों के एक खेमे ने आरोप लगाया है कि इतिहास को बदलने की कोशिश की जा रही है.
Published 10/14/21
लखीमपुर खीरी कांड के बाद से उत्तर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है. विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमलावर है. योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी सरकार पर विपक्ष के हमले बढ़ भी गए हैं. कांग्रेस गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को मोदी सरकार से बर्खास्त करने की अपनी मांग पर डटी हुई है.
Published 10/13/21
क्या देश एक गंभीर बिजली संकट की ओर बढ़ रहा है? पिछले कुछ दिनों से देश के तमाम राज्यों की सरकारों के बयानों से तो कुछ ऐसा ही लग रहा है. राज्यों की दलील है कि कोयले पर आधारित बिजली घरों के पास बस कुछ ही दिन का कोयला बाकी है. लिहाजा अगले कुछ दिन में कई राज्यों में बिजली संकट शुरू हो सकता है.
Published 10/12/21
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में खरीब पांच महीने बाकी हैं लेकिन राज्य की राजनीति लखीमपुर खीरी कांड से गर्मा गई है. 3 अक्टूबर को किसानों को रौंदने की घटना के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को आज कोर्ट ने पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. शनिवार को बारह घंटों की पूछताछ के बाद आशीष मिश्रा को गिरफ़्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक वो जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. घटना के दौरान घटनास्थल पर मौजूद न होने का वो कोई सबूत अब तक पुलिस को नहीं दे...
Published 10/11/21
गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को आज सुबह दस बजे लखीमपुर थाने में पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन दिया गया था. विपक्ष के नेताओं को बिना किसी लिखित आदेश के हिरासत में लेने वाली यूपी पुलिस ने एक मंत्री के बेटे के प्रति जो समन का सम्मान दिखाया है, उसकी सराहना की जानी चाहिए क्योंकि आलोचना से कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है. आशीष मिश्रा के सम्मान में नया सम्मान लग गया.
Published 10/08/21
28 सेकेंड का जो वीडियो आया था उसी का एक नया वीडियो आया है, जो पहले से साफ है और 45 सेकेंड का है. इस वीडियो के आने के बाद घटना को लेकर समझ और भी साफ हो जाती है कि किसानों को कुचल कर मारा गया और अब पुलिस की जवाबदेही और बढ़ जाती है कि गृह राज्य मंत्री आशीष मिश्रा की भूमिका को स्थापित करे. आशीष मिश्रा जीप में थे या नहीं. कहां थे?
Published 10/07/21
लगता है कानून अपना काम करना भूल गया है? कानून को काम के नाम पर यही याद रहा कि विपक्ष के नेताओं को कहां-कहां, कब-कब नजरबंद करना है. आज विपक्ष के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी गई. लेकिन जहां तक कानून के काम करने का सवाल है, वो अब भी कायम है.
Published 10/06/21
28 सेकेंड का यह वीडियो है. एक सेकेंड के वीडियो में 24 से 30 फ्रेम होते हैं. 840 फ्रेम. 28 सेकेंड के इस वीडियो के एक-एक फ्रेम में क्रूरता और मंत्री के झूठ की ऐसी गवाहियां हैं कि इस 28 सेकेंड का पूरा ब्यौरा बताने के लिए 28 घंटे भी कम पड़ जाए.
Published 10/05/21
जब कई साल से गोदी मीडिया विपक्ष को रोकने में लगा ही हुआ है तब फिर प्रशासन क्यों विपक्ष को रोकने के लिए इतनी मेहनत करता रहा. जिस पुलिस और कानून व्यवस्था को काम करने देने के नाम पर विपक्ष को रोका गया, उसका कुछ रिकॉर्ड शुरू में ही बता देता हूं. बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले में कौन सी कानून व्यवस्था काम कर रही थी आप फिर से पूरी स्टोरी सर्च कर सकते हैं. गोरखपुर में मनीष गुप्ता की हत्या के संबंध में भी मुआवजे और नौकरी का एलान हो गया लेकिन अभी तक पुलिस ने छह पुलिसवालों को गिरफ्तार...
Published 10/04/21
राजनीति में कहां तक पढ़े हैं, इसे योग्यता की अंतिम शर्त नहीं माना जा सकता. कई राजनेता स्कूल नहीं गए लेकिन उन्होंने राजनीति में बहुत अच्छा काम किया. इसका मतलब यह नहीं कि कोई नेता फर्ज़ी डिग्री लेकर आ जाए तो उसकी भी वाहवाही होगी. यह बिल्कुल अलग मामला है और फ्रॉड है क्योंकि तब आप पढ़े लिखे होने का झूठा दावा करते हैं.
Published 10/01/21
विदेश जाने की होड़ में अब विदेश जाने पर स्कालरशिप देने की होड़ शुरू हो रही है. बिल्कुल दी जाए लेकिन यह बहाना नहीं बनना चाहिए कि राज्यों के कालेजों को ख़राब हालत में छोड़ दिया जाए. सवाल है कि कालेज अगर खराब है, पढ़ाई का स्तर औसत है तब इस स्कालरशिप से क्या लाभ होने वाला है. सरकारी शिक्षा को कमज़ोर कर प्राइवेट शिक्षा के नाम पर छात्रों को लोन के हवाले किया जा रहा है
Published 09/30/21
जिन लोगों ने मोइनुल हक़ के बारे में बात नहीं की वे चाहें तो कानपुर के मनीष गुप्ता की बात कर सकते हैं. असम के दोरांग की घटना को तमाम तरह के बयानों से निपटा दिया गया लेकिन गोरखपुर गए मनीष गुप्ता के साथ पुलिस ने जो किया है क्या उस पर भी बात नहीं होगी. बात करेंगे तो आपको मोइनुल हक में मनीष गुप्ता दिखाई देंगे और मनीष गुप्ता में मोइनुल हक दिखाई देंगे.
Published 09/29/21
पेट्रोल की कीमतों पर बात नहीं करने से कीमतें कम नहीं होती हैं. अगर ये सच है तो फिर ये भी सच है कि बात करने से भी कीमतें कम नहीं होती हैं. पिछले कई महीने से भारत की जनता ने 100 रुपये लीटर पेट्रोल ख़रीद कर दिखा दिया है कि जिस विकास में उसकी भागीदारी का पता नहीं उस विकास के लिए वह अपना विकास रोककर 100 रुपये लीटर पेट्रोल खरीद रही है. विकास से जनता का विकास भले न होता हो लेकिन जनता से विकास का विकास हो सकता है. इसे ऐसे समझें. जनता का विकास बंद है लेकिन जनता ने विकास का विकास बंद नहीं किया है.
Published 09/28/21
एक साल के दौरान किसान आंदोलन कई बार ‘भारत बंद’ कर चुका है. हर बार ‘भारत बंद’ के दौरान किसानों ने इस बात का ख्याल रखा है कि जनता को कम से कम तकलीफ हो इसलिए ‘भारत बंद’ चार बजे तक ही रखा गया है. चार बजते ही किसानों ने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे खोल दिया.
Published 09/27/21
पीएम नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय पहली मुलाकात व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से हुई. हमने देखा कि किस तरह से उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय राजदूत साथ में हैं. इसके अलावा एनएसए भी साथ में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात 8:30 बजे तय हुई थी. वहां कुछ देर पहले पीएम मोदी पहुंचे.
Published 09/24/21
भारतीय रिजर्व बैंक और संसद की स्थायी समिति के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार की हालत बहुत खराब है. ये दोनों ही राज्य सबसे नीचे हैं. भूगोल और आबादी के हिसाब से भी भारत के इन दो बड़े राज्यों में अगर लोगों की कमाई इतनी कम है, तो आप समझ सकते हैं कि जीवन स्तर का क्या हाल होगा?
Published 09/23/21
ऐसे बहुत से लोग हैं, जो बैंकों में बचत पर मिलने वाले ब्याज से अपना खर्च चलाते हैं. या एक निश्चित सी कमाई होती है और ज्यादातर मामलों में बहुत सीमित भी. अब अगर ये कमाई भी घटने लगे, माइनस में चली जाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गोदी मीडिया पर भारत को सुपर पावर बताने की होड़ क्यों मची है?
Published 09/22/21
क्या आप जानते हैं कि कोरोना के पौने दो साल के दौरान स्कूल और कॉलेज की फीस कितनी बढ़ी है? हम भी नहीं जानते. मानकर चला जा सकता है कि जो अमीर जनता 100 रुपये लीटर आराम से खरीद रही है, वही अमीर जनता महंगी फीस भी आराम से दे रही होगी. जनता के बीच इतनी स्वीकृति है कि सरकार को अफसोस हो रहा होगा कि पेट्रोल के दाम 200 रुपये करना चाहिए था.
Published 09/21/21
खबरों की दुनिया में सूत्रों को लेकर भूचाल आया हुआ है. एक पाठक और दर्शक के लिए सूत्रों के हवाले से आने वाली खबरों और पत्रकारिता के संकट को समझना ज़रूरी हो जाता है ताकि पता रहे कि खबरों के लिए जिन ज़रूरी तत्वों पर आप भरोसा करते हैं वह भरोसे के लायक हैं भी या नहीं.
Published 09/20/21