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पेगासस जासूसी कांड को लेकर इजरायल, फ्रांस, हंगरी को नहीं लगता कि इससे उनके देश की छवि खराब हो रही है. बल्कि इन देशों में चिंता इस बात को लेकर है, कि विपक्ष के नेता, सरकार के मुखिया और पत्रकारों से लेकर नागरिकों के फोन की जासूसी ठीक बात नहीं है. क्या ये अजीब नहीं है कि जिस देश की कंपनी है एनएसओ, उस देश में इसकी जांच हो रही है. लेकिन भारत में नहीं. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने बकायदा आयोग का गठन कर दिया है,जो पता लगाएगा कि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नागरिकों की जासूसी के लिए तो नहीं हुआ? इजरायल की...
Published 07/23/21
अगर आप सरकार से सवाल करना चाहते हैं. आलोचना करना चाहते हैं तो पहले एक काम कीजिए. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, जिसे ईडी कहते हैं, उनके अधिकारियों से पूछ लीजिए कि कितना तक लिखें तो छापा पड़ेगा? कितना तक न लिखें तो छापा नहीं पड़ेगा? अभी तक चुनाव आते ही विपक्षी दलों के नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के यहां छापेमारी होने लग जाती थी. लेकिन क्या अब खबर छापने और दिखाने के बाद या उसके कारण छापेमारी होने लगी है? आपातकाल शब्द इतना घिस चुका है, कि आप इसके इस्तेमाल से कुछ भी नहीं कह पाते हैं. काल के...
Published 07/22/21
क्या आप बिल्कुल किसी ऐसे को नहीं जानते, जो दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन के लिए मारे-मारे फिर रहे थे. बिल्कुल भी आप ऐसे किसी को नहीं जानते? जिनकी मौत अस्पताल के भीतर ऑक्सीजन की सप्लाई ठप्प हो जाने के कारण हुई, फिर सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन बेड मांगने वाले वे लोग कौन थे? मोदी सरकार की स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉक्टर प्रवीण भारती पवार के एक जवाब ने आप सभी को फेक न्यूज में बदल दिया है. पहले फेक न्यूज ने आपको बदला, अब आपको ही फेक न्यूज में बदल दिया गया है. क्या राज्य सरकारें लिखकर दे...
Published 07/21/21
फ्रांस में पेगासस जासूसी कांड को लेकर जांच होगी. इस जांच में पता लगाया जाएगा कि क्या फ्रॉड तरीके से किसी के इलेक्ट्रॉनिक ऊपकरण की जानकारी हासिल की गई और निजता का उल्लंघन हुआ. भारत सरकार ने न तो अभी तक जांच की बात कही है, न कहा है कि किसने पैसा दिया था खरीदने के लिए. अगर खरीदा गया है तो, ये भी नहीं बता रही है कि पेगासस खरीदा गया है या नहीं. अगर आपको लगता है कि ये मामला दो-चार विधायकों के फोन रिकॉर्डिंग का है, तो उस लिहाज से भी आप ये फिल्म देख सकते हैं. ‘ऑल द प्रेसीडेंट्स मेन’, जिसकी कहानी यह...
Published 07/20/21
पेगासस जासूसी कांड में पत्रकारों के अलावा अब विपक्ष के नेताओं के भी नाम आ गए हैं. 'द वायर' ने रविवार के बाद आज एक और रिपोर्ट छापी है, जिसमें इसकी पुष्टि की गई है कि जासूसी के लिए 300 फोन नंबरों की एक सूची बनाई गई थी, जिसमें राहुल गांधी के भी दो नंबर शामिल हैं. इसी सूची में राहुल से जुड़े 9 और नंबर डाले गए थे लेकिन राहुल ने नंबर बदल लिया था. राहुल ने 'द वायर' से कहा है कि उनके व्हाट्सएप पर अतीत में संदिग्ध मैसेज आए हैं. जासूसी के लिए ही ऐसा किया जाता है. राहुल ने कहा, “यदि आपकी जानकारी सही है,...
Published 07/19/21
एक पाठक के रूप में आपका कर्तव्य बनता है कि जब सरकार करोड़ों रुपये ख़र्च कर अपने काम के बारे में विज्ञापन छपवाए तो उसे ग़ौर से पढ़ें। यह आपका ही पैसा है. आपके टैक्स के पैसे से सिर्फ जे एन यू नहीं चलता है, सरकारी विज्ञापन भी छपते हैं. आज यूपी के अखबारों में प्रधानंमत्री के दौरे को लेकर पूरे पन्ने का वृहद विज्ञापन छपा. इस विज्ञापन से वाराणसी में हो रहे कार्यों की जानकारी तो मिली ही,साथ ही यह भी पता चला कि कार्यक्रमों के वर्गीकरण और भाषा में किस तरह के बदलाव आ रहे हैं. मुमकिन है ऐसे बदलाव कई साल...
Published 07/15/21
यूपी सरकार कानून में इतना लिख दे कि जिनके दो से अधिक बच्चे होंगे वे नए कानून लागू होने के बाद चुनाव नहीं लड़ सकेंगे तो फिर देखिए क्या होता है. सिर्फ इतना लिख देने भर से चौक-चौराहों की पान की गुमटियों पर जितने लोग आबादी को लेकर बहस कर रहे होंगे, बहस छोड़ भाग खड़े होंगे. यही नहीं उनके विधायक जी भी कानून के इन समर्थकों को अपने बोलेरो से नीचे उतार देंगे. टाइम्स आफ इंडिया में अतुल ठाकुर और रेमा नागराजन की रिपोर्ट छपी है कि बीजेपी के पचास फीसदी विधायक ऐसे हैं जिनके तीन या तीन से अधिक बच्चे हैं....
Published 07/14/21
पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के कारण लोग भोजन और दवा पर कम ख़र्च करने लगे हैं. भारतीय स्टेट बैंक की आर्थिक शाखा के एक अध्ययन के मुताबिक लोगों के कुल ख़र्चे में पेट्रोल पर होने वाला ख़र्च काफी बढ़ गया है और महीने का राशन भी कम ख़रीद रहे हैं. महंगाई के इस मुश्किल दौर को ठीक से दर्ज नहीं किया जा रहा है. आख़िर सरकार इस पर बात क्यों नहीं कर रही है? देश को सुशांत सिंह राजपूत के जैसे फर्ज़ी मुद्दे की तलाश है जिसे लेकर तीन महीने तक बहस होती रहे, जब ऐसा मुद्दा नहीं आ जाता, तब मंत्रिमंडल विस्तार तो...
Published 07/13/21
व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के विद्वानों के बीच यह दलील चल रही है कि दिल्ली में पेट्रोल 101 रुपया भी हो रहा है तो विकास भी तो हो रहा है. तो क्या शहडोल और गंगानगर में भी दिल्ली से ज़्यादा विकास हो गया है? मध्य प्रदेश का शहडोल जिला देश के अति पिछड़े ज़िलों में आता है. यहां के लोग 111 रुपया 71 पैसे लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. गंगानगर के लोग 112 रुपया 49 पैसा लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. यह अहसास होना चाहिए कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम लोगों पर कितना बोझ बढ़ा है. ऐसा है तो सरकार विज्ञापन छाप दे कि 110...
Published 07/12/21
कुछ कहानियों के जरिए आज उस भारत को देखने की कोशिश कीजिए, जो अपनी-अपनी समस्याओं से जूझ रहा है. जब आप देखते हैं कि यूपी में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हो रहा है. हिंसा के वीडियो यहां-वहां से आए जा रहे हैं. खबरें छप रही हैं कि किसी को घर से उठाकर ले जाया गया, तो किसी को पर्चा नहीं भरने दिया गया. बहुत सारे लोग इस काम में लगे हैं. किसी को उठा ले जाने के लिए, किसी को पीट आने के काम. लेकिन दूसरी तरफ बहुत सारे लोग इस तनाव से भी जूझ रहे हैं कि ईएमआई कैसे चुकाएं. भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट में इस बात...
Published 07/09/21
पेट्रोलियम मंत्री का मंत्रालय तो बदल गया लेकिन पेट्रोल का दाम कम नहीं हुआ. नए मंत्री ने भी आकर ऐलान नहीं किया कि पेट्रोल के दाम फिर से 60 रुपये हो जाएंगे. ऐसी किसी हेडलाइन कि तलाश में फिलहाल नए पेट्रोलियम मंत्री के पदभार ग्रहण करने की तस्वीरों से ही काम चलाया जा रहा है. दिल्ली में भी पेट्रोल 100 रुपये लीटर हो गया है. इस तरह से जो जहां था, वो वहीं पर है. महंगाई की इन स्थायी खबरों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखिए कि भारत को लेकर क्या बातें हो रही हैं. स्टेन स्वामी के निधन से दुनिया भर से...
Published 07/08/21
अपनी गैर हाजिरी में इससे अधिक कोई हाजिर क्या हो सकता है? कि आप उन्हें अलविदा कहते वक्त इस तरह से याद किये जा रहे हैं, जैसे वो लौट कर आए हों. एक देश जो हर वक्त हिंदू-मुसलमान के बीच नफरत की तलवार पर चल रहा होता है. उस देश में ऐसा एक ही शख्स था, जो दिलीप कुमार भी था और यूसुफ खान भी. 1947 के विभाजन रेखा को वो जिस आसानी से पाट दिया करते थे. बहुत कम लोगों में वैसी कुबत होती है. उनका एक मकान “फूलों का शहर” पेशावर में आज भी है.
Published 07/07/21
इसी साल 11 फरवरी के प्राइम टाइम में आपने देखा था कि कैसे भीमा कोरेगांव केस में आरोपियों के कंप्यूटर में फर्जी सबूत प्लांट कर दिए गए. वॉशिंगटन पोस्ट की इस खबर ने कई सबूतों के साथ ये साबित किया था कि भीमा कोरेगांव के एक आरोपी रोना विल्सन की गिरफ्तारी से दो साल पहले उनके कंप्यूटर में ऐसे ईमेल प्लांट कर दिए गए, जिससे उन्हें आतंक के आरोपों में गिरफ्तार किया जा सके. आज NDTV के श्रीनिवासन जैन इस मामले में नई जानकारी लेकर आए हैं.
Published 07/06/21
फादर स्टैन स्वामी का निधन हो गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट में उनकी जमानत की सुनवाई चल रही थी उसी बीच उनके निधन की खबर आ गई. विश्व गुरु भारत की संस्थाओं की संवेदनशीलता आज दुनिया में अपना नाम रौशन कर रही है. 84 साल के जर्जर शरीर वाले एक वृद्ध के साथ प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश से जोड़कर जो हुआ है उसे न्याय की दीवार पर किसी कोने पर दर्ज जरूर किया जाएगा. अक्टूबर 2020 में भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में फादर स्टैन स्वामी को गिरफ्तार किया गया था.
Published 07/05/21
पेट्रोल के दामों की यात्रा को देखिए कि कैसे इस यात्रा के पड़ाव बदलते गये हैं. पहले 90 रुपये लीटर सबसे महंगा पड़ाव था. फिर 100 रुपये हो गया और अब 105 रुपया हो चुका है.लेकिन अब सस्ता और महंगा का भी मतलब बदल गया है. मुंबई, जयपुर, श्रीगंगानगर, भोपाल, रीवा और इंदौर जैसे शहरों में पेट्रोल 105 रुपये से अधिक है. इंदौर में 107 लीटर से भी अधिक है...
Published 07/02/21
रोज़ रोज़ होने वाले राजनीतिक वाद-विवाद, आलोचनाएं, और विरोध प्रदर्शन के स्वर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं. भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना प्रोफेसर जूलियस स्टोन की किताब the province of law की यह पंक्ति जिस वक्त बता रहे थे शायद उसी के आस-पास भारत सरकार एक अध्यादेश ला रही थी कि आर्डेनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ हड़ताल नहीं कर सकते. मुख्य न्यायाधीश ए-न वी रमना पी डी देसाई स्मृति व्याख्यानमाला में कहते हैं कि हर कुछ साल में शासक को बदल देने के अधिकार का...
Published 07/01/21
भारत की आम जनता ने एक रिकार्ड बनाया है. आम खाने का नहीं बल्कि महंगा पेट्रोल खरीद कर सरकार को कई लाख करोड़ टैक्स देने का रिकार्ड. ये वो रिकार्ड है जो अमरीका की पूरी आबादी नहीं बना सकती. उपभोक्तावादी अमेरिकी लोग इस त्याग को समझ ही नहीं सकते हैं. अमेरिकी लोगों को अपनी सरकार से मंदी के संकट में 220 लाख करोड़ का पैकेज मिला. जिनकी नौकरी नहीं गई है उन्हें भी तीन तीन हज़ार डॉलर का चेक मिला. भारतीय रुपये में दो लाख होता है. परिवार के हर सदस्य को मिला. ऐसे लोगों ने चेक ले भी लिया. आध्यात्मिक भारत के...
Published 06/30/21
दिसंबर , जनवरी और फरवरी के महीने में जब किसान आंदोलन जोर पकड़ रहा था तब एक बात सरकार ने बार-बार कही कि कृषि कानून इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि किसानों को आड़तियों के जाल से आजाद किया जा सके. आढ़तिया और बिचौलिया शब्द का खूब इस्तेमाल हुआ. तब भी किसान कहते रहे कि इन कानूनों के जरिए नई गुलामी लाई जा रही है, वह ज्यादा खतरनाक है, इसलिए उन्हें यह कानून नहीं चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के किसानो को बिचौलियों से आजादी मिलेगी, यह बिल उनके लिए रक्षा कवच का काम करेंगे. 28 जून को बीजेपी यूपी ने अपने...
Published 06/29/21
हर बात में इतिहास का नायक बन जाने, ख़ुद वैसा काम न कर पाने पर किसी नायक की सबसे ऊंची मूर्ति बनवा देने की मानसिकता को वही समझ सकता है जो छपास रोग को जानता है. पत्रकारिता के भीतर इस रोग की चर्चा ऐसे लोगों के संदर्भ में की जाती है जो हर बात में छपना चाहते हैं. इसे ही छपास रोग कहते हैं. इसी बीमारी का एक इंग्लिश नाम है हेडलाइन सीकर. कुछ ऐसा देखो या करो जो हेडलाइन बन जाए. इस मानसिकता को सबसे सरल और छोटी कहानी में पकड़ा है यशपाल ने। कहानी का नाम है अख़बार में नाम. आज के प्राइम टाइम को आप अख़बार में...
Published 06/28/21
जंगल जंगल बात चली है, पता चला है, चड्डी पहन कर लोकतंत्र खिला है, पता चला है. इस जोड़-घटाव के लिए गुलज़ार साहब से माफ़ी लेकिन वाकई यह दृश्य हैरान करने वाला है कि लोकतंत्र चड्डी पहनकर खिला-खिला और खुला खुला घूमना चाहता है. बीस साल बाद जब विद्वान इन पंक्तियों की विवेचना करेंगे तब इस बात का उल्लेख अवश्य करेंगे कि एंकर ने लोकतंत्र को सूट-बूट में क्यों नहीं देखा, चड्डी में क्यों देखा. यही नहीं प्रस्तुत प्रस्तोता पर यह दोष लगेगा कि दिल्ली से दूरी और दिल से दूरी मिटाने वाली बैठक में कश्मीरी पंडितों...
Published 06/25/21
हमने सुना था कि छोटी लकीर के सामने बड़ी लकीर खींची जाती है ताकि बड़ा बता सकें, लेकिन बहुत बड़ी लकीर के सामने छोटी लकीर ख़ींच कर उसे बड़ा बताने की कोशिश देख भी रहा हूं और सुन भी रहा हूं. आशय यह है कि भारत में घरेलु बचत घट रही है, फिक्स डिपाज़िट कम करा रहे हैं, तोड़ कर गुज़ारा कर रहे हैं. ये एक बड़ी लकीर है जो बताती है कि हमारे जन-जीवन का आर्थिक संकट कितना गहरा और बड़ा है. लेकिन वित्त मंत्री इससे जुड़ी ख़बरों को ट्वीट नहीं करती हैं. न वित्त मंत्रालय अपने ट्विटर हैंडल से करता है जबकि जिस रिपोर्ट...
Published 06/24/21
केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन पिछले साल हाथरस में हुए बलात्कार और हत्या के एक केस को कवर करने जा रहे थे. पिछले साल अक्तूबर में सिद्दीक कप्पन और तीन अन्य को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर UAPA की दो धाराएं लगा दी गईं. राजद्रोह की भी धारा लगाई गई है. इस केस में अतीक उर्र रहमान, मसूद अहमद और आलम को भी गिरफ्तार किया गया है. सिद्दीक कप्पन की मां 18 जून को गुज़र गईं. सिद्दीक ने मथुरा कोर्ट में ज़मानत याचिका लगाई है जिसकी सुनवाई 5 जुलाई को होगी. अपने आवेदन में कप्पन ने...
Published 06/23/21
टीका अभियान को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं. क्या इसे सफल बनाने के लिए कुछ राज्यों में कुछ दिनों से टीके की रफ्तार कम की गई? ताकि टीका बचा कर 21 जून को लगाया जाए जिससे कि नंबर बड़ा लगे? दूसरा क्या सारा मकसद 21 जून को एक रिकार्ड बनाना ही था? अगर नहीं था तो फिर 22 जून को सब कुछ ठंडा क्यों पड़ गया? 22 जून को उसका आधा भी उत्साह नहीं दिखा. उत्साह नहीं था या टीका नहीं था? 21 जून को चार बजे तक 47 लाख टीके लग चुके थे. 22 जून को करीब 6 लाख 23 लाख टीके ही लग पाए थे. चार बजे तक. इतने लोगों के मरने और...
Published 06/22/21
आज किसी को FOMO तो नहीं हुआ ? FOMO का मतलब होता है फियर ऑफ मिसिंग आउट. मतलब आपको लग रहा है कि पार्टी चल रही है, लोग हंस बोल रहे हैं मगर कोई आपकी तरफ नहीं देख रहा है. आपको लगता है कि सभी आपको इगनोर मार रहे है. आज योग वालों को कहीं ऐसा नहीं तो लगा कि चैनलों पर उन्हें कम जगह मिली या टीका वालों को लगा कि योग वालों को ज्यादा मिली, उन्हें कम जगह मिली. या उन दोनों की जगह नेताओं को ज्यादा जगह मिल गई.
Published 06/21/21
क्या सरकार ने कोई ऐसा आंकड़ा दिया है, जिससे पता चलता हो कि पिछले एक साल की महामारी में कितने लोगों की नौकरी चली गयी है. कितने लोगों की सैलरी कम हो गई है. कितने लोगों की कमाई आधी से भी कम हो गई है. ऐसे लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा है. लोग फेसबुक से लेकर ट्विटर पर लिख रह रहे हैं कि उनकी नौकरी चली गयी है और घर चलाने के पैसे नहीं है. इन बातों पर चिंता छोड़कर बहस हो रही है, किसे ब्लू टिक मिल रहा है और किसे नहीं मिलना चाहिए.
Published 06/18/21