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अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था मात्र 20 अरब डॉलर की है. एक बेहद गरीब देश है. कई लेखों को पढ़ते हुए ये जानने को मिला कि इन 20 सालों का अफगानिस्तान, भ्रष्टाचार और ड्रग्स की तस्करी के साम्राज्य का भी अफगानिस्तान है. कई बार अफगानिस्तान के बारे में छपी पुरानी खबरों पलटने से हाल की घटनाओं को समझने के धागे मिल जाते हैं. तब आपको जवाब मिलेगा कि ये कहानी पूरी तरह झूठ है, कि दुनिया को पता नहीं चला कि तालिबान कैसे इतना प्रभावशाली हो गया. उसके पास इतने संसाधन और हथियार कहां से आ गए.
Published 08/20/21
दुनिया इस वक्त अफगानिस्तान को लेकर जितनी चर्चा कर रही है, उसके लिए जरूरी सूचनाओं की उतनी ही कमी है. खासकर अफगानिस्तान के आम जीवन से जुड़ी सूचनाएं बहुत कम हैं. महिलाओं के बारे में आशंकाएं जताई जा रही हैं लेकिन उनकी आवाज बाहर नहीं आ पा रही है. काबुल एयरपोर्ट पर अफगानिस्तान छोड़ कर भागने वालों में केवल मर्द दिखाई देते हैं. इन तस्वीरों को ठीक से देखने और समझने की जरूरत है. भागने वालों में कोई वृद्ध नहीं है. कोई विकलांग नहीं है. बच्चा नहीं है और औरतें भी नहीं हैं. दो चार की संख्या में औरतें दिखाई...
Published 08/19/21
तालिबान को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का इतना सा ही संक्षिप्त बयान है कि भारत सभी हिस्सेदारों से बात कर रहा है. इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है. तालिबान को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का इतना सा ही संक्षिप्त बयान है कि भारत सभी हिस्सेदारों से बात कर रहा है. इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकचता है. अफगानिस्तान की घटना से रूबरू कोई भी दर्शक यह समझ सकता है कि सभी हिस्सेदारों का मतलब तालिबान भी है. तालिबान को छोड़ कर सभी हिस्सेदार नहीं हो सकते हैं. इस वक्त अफगानिस्तान...
Published 08/18/21
अफगानिस्तान की घटना को दुनियाभर में जिस तरह से समझा जा रहा है. भारत में इसे देखने और समझने की प्रक्रिया भी अब अपने आप में किसी घटना से कम नहीं है. आप अफगानिस्तान और तालिबान के बारे में कुछ भी बात कीजिए, इसे उसी फ्रेमवर्क से देखा और समझा जा रहा है, जिसे घरेलू राजनीति ने तैयार किया है. हिंदू-मुस्लिम और नेशनल सिलेबस के फ्रेम से, जिसमें काबुल से आ रही हर सूचनाओं को कूच दिया जा रहा है. फीट कर के फैलाया जा रहा है.
Published 08/17/21
दुनिया देखती रही और तालिबान ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है. ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान की मदद से तालिबान की बढ़ती हुई ताकत को लेकर कोई शक रहा हो लेकिन जिस तेजी से बीते 8 से 10 दिनों में तालिबान ने अफगानिस्तान के सभी प्रमुख प्रांतो पर एक के बाद एक कब्जा किया. उस तेजी का अंदाजा लगाने में पूरी दुनिया के बड़े-बड़े देश चुक गये. यही वजह है कि उन देशों के राजनयिक, उनके परिवार और उनके साथ काम करने वाले अफगानी लोग जहां-तहां फंसे हैं. अमेरिकी सेना ने 31 अगस्त तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से...
Published 08/16/21
देखना चाहिए कि आपने जिस सोच के लिए दशकों पसीना बहाया है. उसका परिणाम क्या निकल कर आ रहा है. जब देखने का वक्त आया है तो कई लोग कहे जा रहे हैं कि देखा नहीं जा रहा है. जो भी ऐसा कहते हैं वो उनका झूठ है. जिस सोच को आपने निजी फैसलों में, राजनीतिक फैसलों में, सामाजिक फैसलों में जगह दी और दिये जा रहे हैं क्या आपको देखना नहीं चाहिए कि उसका जो नतीजा आया है वो कैसा दिख रहा है. इसके होते रहने से तो आप भाग नहीं रहे तो फिर इसके देखे जानें से क्यों भाग रहे हैं. कानपुर अगर दूर है तो क्या दिल्ली दूर थी.
Published 08/13/21
क्या मान लिया जाए की लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है? विपक्ष का आरोप लगाना अलग बात है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है. लेकिन बहुमत से लबालब और एक मजबूत सरकार भी यही आरोप लगाये की लोकतंत्र की हत्या हो रही है तो इस हत्या का इंसाफ कौन करेगा. 11 अगस्त को राज्यसभा में क्या हुआ इस मामले में अब सरकार भी एक पक्षकार हो गई है. उसने भी विपक्ष पर मारपीट के आरोप लगा दिए हैं. जबिक विपक्ष का आरोप है कि मार्शल बुलवाकर उनके साथ धक्कामुक्की और मारपीट की गई. किसने किया इसका फैसला? भले अभी नहीं आ सकता. लेकिन यह साफ...
Published 08/12/21
आर्थिक सवालों पर फेल हो चुकी या नए आर्थिक दर्शन की जगह पुराने को ही नया स्लोगन बनाकर अपना काम चला रही भारत की राजनीति को एक शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है. राजनीति का भगोड़ा सिस्टम. जिसके तहत हर दल हर नेता मूल सवालों से भाग रहा है. कोई सांप्रदायिकता से लड़ने के बजाए भागने लगता है,शहर में रंगाई पुताई को विकास बता कर उसके पोस्टर लगाने लगता है तो कोई बेरोज़गारी और ग़रीबी के सवालों से भागने के लिए सांप्रायिकता को गले लगाने लगता है. सब भाग रहे हैं लेकिन भागते भागते सब अंत में वहीं पहुंच गए...
Published 08/11/21
संसद चल रही है और उसके बिल्कुल पास में रविवार के दिन जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं और वहां एक समुदाय विशेष के ख़िलाफ़ भड़काऊ नारे लगाते हैं. इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के वकील और दिल्ली बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय भी हैं. अश्विनी उपाध्याय भाजपा के सदस्य भी हैं. भारत जोड़ो के नाम पर रविवार को बुलाई गई इस सभा में भारत तोड़ने के नारे लगे. कानून के नाम पर उन मुद्दों पर बातें हुई जिनके बहाने अक्सर सांप्रदायिक बातें भी होती हैं....
Published 08/10/21
सरकार कहती है भारत में 14.5 करोड़ किसान हैं और उन सभी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि दी जाएगी लेकिन पीएम सम्मान योजना की वेबसाइट पर किसानों की संख्या 12 करोड़ क्यों है? ढाई करोड़ किसान कहां गए? यह कोई हवाई आंकड़ा नहीं है. आप फ्लैशबैक में खबरों को सर्च करेंगे तो पता चलेगा कि मई 2019 में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मीडिया से बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में यह फैसला लिया गया है कि सभी 14.5 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा. इस योजना की पहली किश्त में केवल 3 करोड़...
Published 08/09/21
जब हॉकी को प्रायोजक की ज़रूरत थी, पैसे की ज़रूरत थी तब कोई आगे नहीं आया लेकिन हॉकी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ तो सब खिलाड़ियों की मेहनत में अपना हिस्सा जोड़ने पहुंच गए हैं. भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी पदक नहीं जीत सकी लेकिन हारकर भी देश का दिल जीत लिया. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि “देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए. लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर...
Published 08/06/21
41 साल बाद भारतीय हॉकी टीम ने ओलिंपिक में पदक जीता है. 1980 में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था. उसके बाद से 40 साल तक कोई पदक नहीं जीता. 41वें साल में टोक्यो ओलिंपिक में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता है. भारत की टीम आज जर्मनी पर हावी रही खासकर दूसरे हिस्से में और भी हावी हो गई लेकिन इस जीत के बाद प्रचार के स्पेस में हावी होने की होड़ शुरू हो गई. जीत या हार के बाद खिलाड़ियों से बात करना उनका हौसला बढ़ाना, अच्छा है लेकिन इस अच्छाई में कुछ और भी दिख रहा है, जो अच्छा लगते हुए भी वैसा...
Published 08/05/21
असम की लवलीना बोरगोहेन टोक्यो ओलिंपिक में वेल्टरवेट श्रेणी की मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीत लिया है. लवलीना स्वर्ण पदक जीतना चाहती थीं. लेकिन उनकी इस कामयाबी के पीछे की जो कहानी है, वो भी सोने की तरह आग से तप कर गुजरी है. बिजेंद्र सिंह और मैरी कॉम के बाद वो ओलिंपिक मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली लवलीना तीसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. असम के गोलाघाट के बारोमुखिया गांव से जब वो टोक्यो के लिए चली थीं, तब उनके गांव में पक्की सड़क नहीं थी. उम्मीद है जब तक लौटेंगी पक्की सड़क स्वागत के लिए तैयार हो...
Published 08/04/21
17 दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं. राहत की इतनी बड़ी खबर हेडलाइन नहीं बन सकी है क्योंकि 17 दिन पहले जो दाम दे रहे थे आप वही दे रहे हैं. दिल्ली के लोग 101 रुपया लीटर पेट्रोल भराने को लेकर आदी हो चुके हैं. दूसरी जगहों के लोगों को भी 110 रुपये लीटर खरीदने का अच्छा खासा अभ्यास हो चुका होगा. इतनी कमाई आपकी बढ़ी नहीं है जितनी महंगाई बढ़ गई है. लेकिन आप अथक परिश्रम कर रहे हैं और टैक्स दे रहे हैं. अपने खर्चे और इच्छाओं को मार कर महंगा पेट्रोल डीजल और रसोई गैस खरीद रहे हैं, ताकि सरकार...
Published 08/03/21
टोक्यो में ओलिपंक के साथ-साथ भारत में एक और ओलंपिक चल रहा है. यह ओलंपिक है ओलंपिक को राजनीतिक रंग देने और सारी कामयाबी में एक नेता की मौजूदगी सुनिश्चित करने का. खेल भावना और देश भावना के बहाने चल रहे इस ओलंपिक को गलत औऱ सही की नज़र से ज्यादा इस बात के लिए देखना चाहिए कि कहीं इसके बहाने किसी और खिलाड़ी की प्रतिभा पीछे तो नहीं छूट जा रही है. टोक्यो ओलंपिक की कामयाबी को देश की कामयाबी के नाम पर आगे करते हुए किस तरह उससे राजनीतिक दल खुद को जोड़ रहा है इसे देखना चाहिए. खेल को समझने के लिए काफी कुछ...
Published 08/02/21
जब तक फोन की फॉरेंसिक जांच नहीं होगी तब तक पता नहीं लगेगा की पेगासस सॉफ्टवेयर से हमला हुआ था या नहीं. जब दुनिया के 17 मीडिया संगठनों ने पेगासस के मामलों का पर्दाफाश किया तो उसके पहले दो तीन दर्जन फोन की फॉरेंसिक जांच की गयी. ये जांच एमएनएसटी इंटरनेशनल के लैब में हुआ. अभी तक इस मामले में यही एक मजबूत आधार बताया जा रहा था की कुछ फोन की जांच से सॉफ्टवेयर के हमले का पता चलता है...
Published 07/30/21
केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की कहानी भले पुरानी हो गई है लेकिन किस राज्य से कितने मंत्री बने हैं इसका उस राज्य में प्रचार जारी है. पिछले दिनों हमने दिल्ली में लगी एक होर्डिंग देखी और एक तस्वीर लखनऊ से प्राप्त हुई. दोनों ही होर्डिंग सरकार ने नहीं लगाई है. बीजेपी की तरफ से नहीं लगाई गई है लेकिन लाभ किसे होगा ये बताने की ज़रूरत भी नहीं.दिल्ली की होर्डिंग महिला समाज सेवा संगठन ने लगाई है. इतनी महंगी होर्डिंग लगाने वाले इस संगठन के बारे में हम पता नहीं लगा सके. मुमकिन है यह हमारी ही कमी हो. आप...
Published 07/29/21
मंगलवार और बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष आक्रामक दिखा. मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दस बार स्थगित करनी पड़ी और बुधवार को लोकसभा में पेपर फाड़ने की घटना हुई. राज्यसभा में भी विपक्ष इस बात को लेकर आक्रामक है कि सरकार स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराए. अगर सरकार विपक्ष की मांग मान लेती और पेगासस जासूसी कांड पर चर्चा करा लेती तो विपक्ष को रोज़ रोज़ आक्रामक होने का मौका नहीं मिलता. स्थगन प्रस्ताव विपक्ष का अधिकार है. सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा की बात तो करती है लेकिन किसी भी नियम के...
Published 07/28/21
अप्रत्याशित, अकल्पनीय, अभूतपूर्व. इन विशेषणों का प्रयोग प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद किया था. सोमवार को मिज़ोरम और असम के बीच जो हुआ है उसे भी अभूतपूर्व, अप्रत्याशित और अकल्पनीय कहा जाएगा. अकल्पनीय इस संदर्भ में कि ट्वीटर पर मिज़ोरम और असम के मुख्यमंत्री कई घंटों तक झगड़ते रहे और ज़मीन पर दोनों राज्यों की सीमा पर तनाव बढ़ता रहा. इस पूरी घटना पर न तो तब और न घटना के कई घंटे बाद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कोई ट्वीट किया है न ही असम के मारे गए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी...
Published 07/27/21
पेगसास जासूसी कांड की जांच में एक नया मोड़ आ गया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की जांच का ऐलान किया था लेकिन इससे एक कदम आगे जाते हुए बंगाल की सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है. दिल्ली आने से पहले ममता बनर्जी ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया. इस न्यायिक आयोग का प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन लोकुर को बनाया गया है. कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस ज्योतिर्मय भट्टाचार्य भी इस आयोग के सदस्य होंगे.
Published 07/26/21
पेगासस जासूसी कांड को लेकर इजरायल, फ्रांस, हंगरी को नहीं लगता कि इससे उनके देश की छवि खराब हो रही है. बल्कि इन देशों में चिंता इस बात को लेकर है, कि विपक्ष के नेता, सरकार के मुखिया और पत्रकारों से लेकर नागरिकों के फोन की जासूसी ठीक बात नहीं है. क्या ये अजीब नहीं है कि जिस देश की कंपनी है एनएसओ, उस देश में इसकी जांच हो रही है. लेकिन भारत में नहीं. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने बकायदा आयोग का गठन कर दिया है,जो पता लगाएगा कि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नागरिकों की जासूसी के लिए तो नहीं हुआ? इजरायल की...
Published 07/23/21
अगर आप सरकार से सवाल करना चाहते हैं. आलोचना करना चाहते हैं तो पहले एक काम कीजिए. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, जिसे ईडी कहते हैं, उनके अधिकारियों से पूछ लीजिए कि कितना तक लिखें तो छापा पड़ेगा? कितना तक न लिखें तो छापा नहीं पड़ेगा? अभी तक चुनाव आते ही विपक्षी दलों के नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के यहां छापेमारी होने लग जाती थी. लेकिन क्या अब खबर छापने और दिखाने के बाद या उसके कारण छापेमारी होने लगी है? आपातकाल शब्द इतना घिस चुका है, कि आप इसके इस्तेमाल से कुछ भी नहीं कह पाते हैं. काल के...
Published 07/22/21
क्या आप बिल्कुल किसी ऐसे को नहीं जानते, जो दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन के लिए मारे-मारे फिर रहे थे. बिल्कुल भी आप ऐसे किसी को नहीं जानते? जिनकी मौत अस्पताल के भीतर ऑक्सीजन की सप्लाई ठप्प हो जाने के कारण हुई, फिर सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन बेड मांगने वाले वे लोग कौन थे? मोदी सरकार की स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉक्टर प्रवीण भारती पवार के एक जवाब ने आप सभी को फेक न्यूज में बदल दिया है. पहले फेक न्यूज ने आपको बदला, अब आपको ही फेक न्यूज में बदल दिया गया है. क्या राज्य सरकारें लिखकर दे...
Published 07/21/21
फ्रांस में पेगासस जासूसी कांड को लेकर जांच होगी. इस जांच में पता लगाया जाएगा कि क्या फ्रॉड तरीके से किसी के इलेक्ट्रॉनिक ऊपकरण की जानकारी हासिल की गई और निजता का उल्लंघन हुआ. भारत सरकार ने न तो अभी तक जांच की बात कही है, न कहा है कि किसने पैसा दिया था खरीदने के लिए. अगर खरीदा गया है तो, ये भी नहीं बता रही है कि पेगासस खरीदा गया है या नहीं. अगर आपको लगता है कि ये मामला दो-चार विधायकों के फोन रिकॉर्डिंग का है, तो उस लिहाज से भी आप ये फिल्म देख सकते हैं. ‘ऑल द प्रेसीडेंट्स मेन’, जिसकी कहानी यह...
Published 07/20/21
पेगासस जासूसी कांड में पत्रकारों के अलावा अब विपक्ष के नेताओं के भी नाम आ गए हैं. 'द वायर' ने रविवार के बाद आज एक और रिपोर्ट छापी है, जिसमें इसकी पुष्टि की गई है कि जासूसी के लिए 300 फोन नंबरों की एक सूची बनाई गई थी, जिसमें राहुल गांधी के भी दो नंबर शामिल हैं. इसी सूची में राहुल से जुड़े 9 और नंबर डाले गए थे लेकिन राहुल ने नंबर बदल लिया था. राहुल ने 'द वायर' से कहा है कि उनके व्हाट्सएप पर अतीत में संदिग्ध मैसेज आए हैं. जासूसी के लिए ही ऐसा किया जाता है. राहुल ने कहा, “यदि आपकी जानकारी सही है,...
Published 07/19/21