रवीश कुमार का प्राइम टाइम: चीफ जस्टिस रमना के विचारों पर कितना अमल करती है सरकार?
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रोज़ रोज़ होने वाले राजनीतिक वाद-विवाद, आलोचनाएं, और विरोध प्रदर्शन के स्वर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं. भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना प्रोफेसर जूलियस स्टोन की किताब the province of law की यह पंक्ति जिस वक्त बता रहे थे शायद उसी के आस-पास भारत सरकार एक अध्यादेश ला रही थी कि आर्डेनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ हड़ताल नहीं कर सकते. मुख्य न्यायाधीश ए-न वी रमना पी डी देसाई स्मृति व्याख्यानमाला में कहते हैं कि हर कुछ साल में शासक को बदल देने के अधिकार का इस्तमाल करने भर से सत्ता के अत्याचार से मुक्ति की गारंटी नहीं मिल जाती है. उनके कहने का यह भी मतलब है कि राज्य की सत्ता संप्रभु नहीं है. सर्वोच्च जनता है. और लोग सर्वोच्च हैं, संप्रभु हैं इस विचार को मानवीय गरिमा और स्वायत्ता की कसौटी पर भी परखा जाना चाहिए. 
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पीएम नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय पहली मुलाकात व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से हुई. हमने देखा कि किस तरह से उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय राजदूत साथ में हैं. इसके अलावा एनएसए भी साथ में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात 8:30 बजे तय हुई थी....
Published 09/24/21
भारतीय रिजर्व बैंक और संसद की स्थायी समिति के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार की हालत बहुत खराब है. ये दोनों ही राज्य सबसे नीचे हैं. भूगोल और आबादी के हिसाब से भी भारत के इन दो बड़े राज्यों में अगर लोगों की कमाई इतनी कम है, तो आप समझ सकते हैं कि जीवन स्तर का क्या हाल होगा?
Published 09/23/21
ऐसे बहुत से लोग हैं, जो बैंकों में बचत पर मिलने वाले ब्याज से अपना खर्च चलाते हैं. या एक निश्चित सी कमाई होती है और ज्यादातर मामलों में बहुत सीमित भी. अब अगर ये कमाई भी घटने लगे, माइनस में चली जाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गोदी मीडिया पर भारत को सुपर पावर बताने की होड़ क्यों मची है?
Published 09/22/21