रवीश कुमार का प्राइम टाइम : प्रचार के मैदान में जंग छिड़ी है, विकास के आसमान से झांकती गरीबी है
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41 साल बाद भारतीय हॉकी टीम ने ओलिंपिक में पदक जीता है. 1980 में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था. उसके बाद से 40 साल तक कोई पदक नहीं जीता. 41वें साल में टोक्यो ओलिंपिक में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता है. भारत की टीम आज जर्मनी पर हावी रही खासकर दूसरे हिस्से में और भी हावी हो गई लेकिन इस जीत के बाद प्रचार के स्पेस में हावी होने की होड़ शुरू हो गई. जीत या हार के बाद खिलाड़ियों से बात करना उनका हौसला बढ़ाना, अच्छा है लेकिन इस अच्छाई में कुछ और भी दिख रहा है, जो अच्छा लगते हुए भी वैसा अच्छा नहीं लग रहा है जैसा अच्छा लगना चाहिए. जिस समय व्हाट्सऐप के इनबॉक्स में एक वीडियो छलांग लगाता हुआ आया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीत के बाद हॉकी के खिलाड़ियों से बात की है उसी समय एक और वीडियो छलांग लगाता हुआ बैकवर्ड से फार्वर्ड प्वाइंट पर आ गया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी खिलाड़िओ से बात की है. आज उनका वीडियो भी पूरी तैयारी से दिल्ली के मीडिया में लांच कर जाता है. हम प्रधानमंत्री का वीडियो नहीं दिखा पा रहे हैं क्योंकि इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के नियम के अनुसार खेल के मैदान में कोई रिकार्डिंग नहीं हो सकती है और ना चैनल पर दिखाई जा सकती है. लगता है प्रधानमंत्री की टीम से यह चूक हो गई. नवीन पटनायक का इसलिए दिखा रहे हैं कि उन्होंने खेलगांव में खिलाड़ियों से बात की है. धीर गंभीर पटनायक ने इस मामले में कोई चूक नहीं की, और नवीन पटनायक ट्वीटर पर ट्रेंड करने लगे.
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Published 10/22/21
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Published 10/20/21